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अजीब सी उलझन | sad hindi poem for lovers

 अजीब सी उलझन





बहुत कुछ बीत गया है
सब कुछ बदल सा गया है 
⌚⌚⌚⌚

गुजरते वक़्त के साथ 
हम दुनियादरी में अपनी मासूमियत खो आये हैं
कितनी कोशिसे की हर किसी को खुश रखने की ,
मगर जब नाकाम हो गये हम 
"sad hindi poem"
😔😔😔


तो सबको छोड़ आये अपने लिए 
डरा हुआ और सहमा हुआ मेरा मन 
हर किसी के लिए चट्टान बना 
हर पत्थर दिल ने आजमाया हमें 
"Love poem in hindi"
🥌🥌🥌🥌


कभी इंसान तो कभी हैवान बने 
न खुद हसे ना खुद हसे न गैरों को ही हँसा पाए 
तू ही बता ये खुदा ,


अब क्या कर सकती हु मैं 
इसीलिए अरमानो का एक दीपक 
आज तेरे दर पर जला आये .
🪔🪔🪔🪔🪔🪔