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एक राजकुमारी और राजकुमार




एक राजकुमारी और राजकुमार 

एक बार की बात है एक राज्य में राजकुमारी रहती थी ,राजकुमारी अत्यंत सुन्दर और सुशील थी ,उसे उसके आस -पास के बच्चों से बहुत प्रेम था .और वह बहुत ही नर्म दिल की थी ,उसका सबसे प्रिय खिलौना उसका सोने का गेंद था वह अक्सर खाली समय में बच्चों के साथ अपने उसी प्रिय गेंद के साथ खेलती रहती थी .

एक दिन वह एक तलाब के किनारे बच्चों के साथ गेंद खेल रही थी ,और खेलते ही खेलते अचानक से उसके हाथ से गेंद तालाब में गिर गयी और जब वह तालाब के पास गयी तो उसने देखा कि तालाब बहुत गहरा था अब वह सोच में पड़ गयी की अब क्या होगा तालाब तो बहुत गहरा है ,वह उसी जगह बैठ कर कुछ देर तक सोचती रही और जब उसे कोई उपाय नहीं  सूझा तो वह रोने लगी और अपने आप से कहने लगी कि मैंने अपनी सोने की हमारी  सबसे प्रिय गेंद खो दी है .


अब मै इसे दोबारा नहीं पा सकुंगी और वंहा से उठकर जाने लगी जैसे ही वह वंहा से उठकर चली अचानक से उसे एक आवाज़ सुनाई पड़ी और वह इधर- उधर मुड़कर देखने लगी लेकिन उसे कुछ नहीं दिखा और जैसे वह पीछे मुड़कर देखी उसे फिर से वही आवाज़ सुनाई पड़ी तब उसने देखा की तालाब के पास में एक राजकुमार खड़ा हुआ था उसने राजकुमारी से कहा की हे सुन्दर राजकुमारी आप क्यों रो रही हैं क्या मै आपके रोने का कारण जान सकता हूँ .

तब राजकुमारी ने कहा हां बिल्कुल राजकुमार मै बतलाती हूँ ,मै इसलिए निराश हूँ क्युकी मेरा सबसे प्रिय खिलौना सोने का गेंद इस तालाब में गिर गया है और वह सोने का बना हुआ है ,अब मै उसे नहीं पा सकुंगी क्युकी हमे तैरना नहीं आता है इसिलिए मै निराश हूँ.

 तब राजकुमार  ने  उस सुन्दर राजकुमारी से बोला मै आपको तैरना सिखा सकता हूँ और मै आपकी सोने की गेंद भी वापस कर सकता हूँ .
लेकिन आप इसके बदले में हमे क्या देंगी ,तो राजकुमारी ने कहा जो आप पसंद करोगे मै वही सामान आप को दूंगी लेकिन आप मेरा गेंद मुझे लौटा दो तो राजकुमार ने कहा अच्छा ठीक है मै अभी आपका गेंद ढूंढ देता हूँ .

कहते ही कहते राजकुमार पानी में डूबकी लगाया और गेंद वापस लेकर आ गया गेंद को देखते ही राजकुमारी ख़ुशी से उछल पड़ी और राजकुमार को गले से लगा कर धन्यवाद बोला और बोली अब आप कुछ भी मांग सकते  हैं. 

मांगिये आपको क्या चाहिए तब राजकुमार ने कहा पहले तैरना तो सीख लीजिये ताकि आपको दोबारा जरूरत पड़े तो किसी की मदद न लेनी पड़े तब आप अपनी सहायता खुद कर सकेंगी तब राजकुमारी मुस्कुरायी और बोली ठीक है मै सिखने के लिए तैयार हूँ और फिर राजकुमार ने उसे तैरना सिखाया और जब वह तैरना सीख गयी तब राजकुमार से बोली अब कहिये आपको मुझसे क्या चाहिए जो आपको पसंद हो मांग लीजिये .



राजकुमार बहुत दयालू था वह मुस्कुराया और बोला की हमको और कुछ भी नहीं चाहिए हमको आपकी मदद करके ख़ुशी मिली है बस मै ये चाहता हूँ की जिस तरह मैंने आपकी मदद की उसी तरह से आप भी दूसरों की मदद करे तब राजकुमारी बहुत खुश हुयी और बोली की आप बहुत अच्छे इंसान हैं आपसे मिलकर ख़ुशी हुयी कृपया आप ये मेरा सोने का क्रावून  स्वीकार कर लीजिये तब राजकुमारी के बार- बार कहने पर उसने वह सोने का क्रावुन स्वीकार कर लिया और राजकुमार वंहा से चला गया और राजकुमारी ख़ुशी -ख़ुशी अपने घर आ गयी .

इस कहानी से हमे यह शिक्षा मिलती है की हमे भी असहाय लोगों की मदद करनी चाहिए. |