ये दुनिया बहुत अलग है (sad poetry)



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ये दुनिया बहुत अलग सी है

 और बहुत अलग हैं हम 

फिर भी साथ चल रहे हैं हम 


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यंहा झूठ को सच साबित का हुन्नर रखते हैं लोग 

और  झूठे को झूठा बोलने से बुरे हुए हैं हम 


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कैसे फरेबों के किस्से बुने जा रहे हैं लोग 

और सब कुछ देखते हुए भी चुप से हो गये हैं हम 


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ये दुनिया बहुत अलग सी है ,और बहुत अलग हैं हम 

फिर भी साथ चल रहे हैं हम 


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लोगों को देखते हुए मेरे वसूल कुछ अलग ही हैं 

इसीलिए हर किसी से बचते चल रहे हैं हम 

कोई दूसरे की बातों पर मक्खन लगाकर 

किसी का दिल जीत लेता है 

तो कोई पीठ पीछे बुराई करके 

किसी की खिल्ली  उडा लेता है 


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बुरे को बुरा और अच्छे को अच्छा उसके

 सामने कहने का हुन्नर रखते हैं हम 

शायद इसीलिए सबसे बुरे हैं हम 


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ऐसे लोगों में अपने वसूलों के साथ

 कैसे समझौता कर रहे हैं हम 

ये बहुत अच्छे से जानते हैं हम 

फिर भी इतने बुरे हैं हम 


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ये दुनिया अलग सी है और अलग हैं हम 

फिर भी सबके साथ  चल रहे हैं हम 

जानते हैं लोगों से जिरह करने में कोई फायदा नहीं है 

फिर भी कभी- कभी कुछ लोगों से उलझ जाते हैं हम 

शायद इसीलिए इतने बुरे हैं  हैं हम 


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इन्ही लोगों  के साथ  पले-बड़े हैं हम 

फिर भी बहुत अलग हैं हम 

अलग सी है दुनिया और अलग  हैं हम

 फिर भी साथ चल रहे हैं हम |





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